विशेष निवेश आधारित वीज़ा योजना
ब्रिटेन सरकार देश से बाहर जा चुके अमीर विदेशी उद्यमियों को वापस आकर्षित करने के लिए एक बेहद विशेष और सिर्फ आमंत्रण (Invitation-Only) वाले वीज़ा कार्यक्रम पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए प्रस्ताव के तहत उन अति-अमीर (UHNW) विदेशियों को तीन साल की रेजिडेंसी (निवास अधिकार) दी जाएगी, जो देश में 5 मिलियन पाउंड (लगभग 6.7 मिलियन डॉलर) से अधिक का निवेश करेंगे। आवेदकों को एक कड़े सुरक्षा और पृष्ठभूमि मूल्यांकन (Vetting Process) से गुजरना होगा और यह पूंजी ब्रिटेन के तेजी से बढ़ते ‘प्राथमिकता’ वाले व्यवसायों में लगानी होगी, जिसके बाद वे स्थायी निवास के पात्र बन सकेंगे।
टैक्स छूट खत्म होने से मची थी भगदड़
ब्रिटेन का यह कदम हाल के वर्षों में देश से बड़े पैमाने पर हुए अमीर निवेशकों के पलायन को रोकने की एक आपातकालीन कोशिश है। साल 2025 में ब्रिटिश सरकार द्वारा सदियों पुरानी ‘नॉन-डॉम’ (Non-Dom) टैक्स प्रणाली को समाप्त करने के बाद अमीर विदेशी निवेशकों ने ब्रिटेन से मुंह मोड़ लिया था। इस पुरानी व्यवस्था के तहत अति-अमीर प्रवासियों को अपनी विदेशी कमाई पर ब्रिटेन में टैक्स देने से छूट मिलती थी। इस टैक्स रियायत को खत्म करने की घोषणा मात्र से अकेले साल 2024 में करीब 10,800 करोड़पति ब्रिटेन छोड़कर चले गए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था।
इटली बना नया गढ़, यूके को टक्कर
ब्रिटेन छोड़ने वाले इन अमीर प्रवासियों में से एक बहुत बड़े हिस्से ने इटली के मिलान शहर को अपना नया ठिकाना बनाया। इटली ने इन अमीर निवेशकों को लुभाने के लिए ठीक वैसी ही स्कीम पेश की जैसी पहले यूके में थी। इटली में केवल €200,000 ($223,000) का एकमुश्त फ्लैट टैक्स चुकाकर विदेशी कमाई पर टैक्स से पूरी तरह बचा जा सकता है। ब्रिटिश सरकार के ग्लोबल टैलेंट टास्कफोर्स के प्रवक्ता के अनुसार, सरकार अब वेल्थ एडवाइजर्स से सलाह ले रही है ताकि दुनिया के सबसे अमीर और प्रतिभाशाली उद्यमियों को वापस बुलाकर देश के वेल्थ डेमोग्राफिक्स को फिर से मजबूत किया जा सके।

