इस्लामाबाद/वाशिंगटन, 13 मई, 2026: नए उपग्रह चित्रों (Satellite Imagery) ने उन दावों को पुख्ता किया है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्रों में शरण दी है। विशेष रूप से इस्लामाबाद के पास स्थित नूर खान एयरबेस की तस्वीरों में ईरानी सैन्य संपत्तियों की मौजूदगी देखी गई है। यह खुलासा तब हुआ है जब पाकिस्तान, तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रहे संघर्ष में एक मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है।
मुख्य विवरण:
- उपग्रह साक्ष्य: तस्वीरों में नूर खान एयरबेस के हैंगर और रनवे पर कई ईरानी सैन्य परिवहन और लड़ाकू विमान दिखाई दे रहे हैं।
- कूटनीतिक पेच: विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी विमानों को “सुरक्षा कवच” प्रदान करना पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थता पर सवाल उठाता है। एक तरफ इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सैन्य मदद देना तेहरान के साथ उसके गहरे रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: पाकिस्तानी राजधानी के इतने करीब विदेशी सैन्य विमानों की मौजूदगी ने क्षेत्रीय हवाई रक्षा प्रोटोकॉल और संभावित हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- प्रतिक्रिया: फिलहाल पेंटागन या ईरान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस्लामाबाद के सूत्रों ने इसे “तकनीकी रखरखाव और क्षेत्रीय सहयोग” का हिस्सा बताया है।

