अगरतला: त्रिपुरा सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए सभी सरकारी कार्यालयों के लिए ‘फाइव-डे वर्क वीक‘ (5-day work week) यानी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस नए फैसले के तहत अब राज्य सरकार के कर्मचारियों को शनिवार और रविवार, दो दिनों का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा।
कैबिनेट प्रवक्ता और मंत्री सुशांत चौधरी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
कार्यालय के समय में बदलाव और WFH व्यवस्था समाप्त सप्ताह में दो दिन का अवकाश देने के बदले कार्यदिवसों (सोमवार से शुक्रवार) में काम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। अब सभी सरकारी दफ्तर अपने पुराने समय के स्थान पर सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक काम करेंगे।
इसके साथ ही, ग्रुप सी (Group C) और ग्रुप डी (Group D) कर्मचारियों के लिए लागू ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) की रोस्टर व्यवस्था को पूरी तरह से वापस ले लिया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा देश में मितव्ययिता (किफायत) बरतने की अपील के बाद इस व्यवस्था को शुरू किया गया था, जिसे अब समाप्त कर सभी को दफ्तर बुला लिया गया है।
खर्चों में कटौती: वर्चुअल बैठकें और इलेक्ट्रिक वाहन वैश्विक आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रशासनिक खर्चों को कम करने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं:
- 75% ऑनलाइन बैठकें: सरकार की लगभग 75 प्रतिशत आधिकारिक बैठकें अब भौतिक (Physical) रूप से होने के बजाय वर्चुअल या ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएंगी।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता: ईंधन पर होने वाले खर्च को बचाने के लिए राज्य सरकार अब नए वाहनों की खरीद में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को प्राथमिकता देगी।
81 रिक्त पदों पर भर्ती और राशन-ईंधन का पर्याप्त स्टॉक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खोलते हुए कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (PWD), सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग (ICA) तथा वित्त विभाग (Finance Department) में 81 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा, राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर बोलते हुए खाद्य मंत्री सुशांत चौधरी ने जनता को आश्वस्त किया कि त्रिपुरा में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) और अन्य सभी जरूरी खाद्य सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी तरह की किल्लत नहीं है।

