भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश भर में एक सख्त अभियान और नई चेतावनी जारी की है, जिसमें खाद्य विक्रेताओं को भोजन को लपेटने, पैक करने या परोसने के लिए अखबारों का उपयोग तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि देश भर की सड़कों पर कल के अखबार में लिपटे हुए गरमा-गरम वड़ा पाव, समोसा या पकोड़े खाना एक पुरानी परंपरा रही है, लेकिन खाद्य नियामक ने चेतावनी दी है कि यह सुविधा जन स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है।
इस सख्त कार्रवाई की मुख्य वजह
इस देशव्यापी चेतावनी की मुख्य वजह FSSAI के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा की गई एक संयुक्त कार्रवाई थी। मुंबई में एक प्रसिद्ध वड़ा पाव विक्रेता को ग्राहकों को खाना पैक करने और परोसने के लिए अखबार का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था।
यह देखते हुए कि यह खतरनाक तरीका स्ट्रीट वेंडरों, छोटे ढाबों और स्थानीय बाजारों में बड़े पैमाने पर चल रहा है, FSSAI ने सभी राज्यों में एक सख्त और व्यापक निर्देश लागू करने का कदम उठाया है।
अखबार में खाना पैक करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक क्यों है?
FSSAI की यह चेतावनी केवल साफ-सफाई को लेकर नहीं है—इसके पीछे गंभीर वैज्ञानिक कारण हैं।
1. जहरीली स्याही का भोजन में मिलना (Ink Migration)
अखबार छापने वाली स्याही रसायनों का एक जटिल मिश्रण होती है, जिसमें डाई, पिगमेंट, बाइंडर्स, सॉल्वैंट्स और अन्य तत्व शामिल होते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि इन स्याही में भारी धातुएं (Heavy Metals) जैसे लेड (सीसा), कैडमियम और क्रोमियम पाई जाती हैं।
2. गर्मी और तेल का खतरनाक रसायन विज्ञान
जब गर्म, तैलीय या नमी वाला खाना अखबार पर रखा जाता है, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- तापमान और वसा विलायक (Solvent) का काम करते हैं: तले हुए खाद्य पदार्थों का उच्च तापमान और उसमें मौजूद तेल इस केमिकल को पिघलाने में मदद करते हैं।
- सीधा रिसाव: स्याही पिघलकर सीधे भोजन में मिल जाती है, जिससे उपभोक्ता अनजाने में इन जहरीली भारी धातुओं का सेवन कर लेते हैं।
3. बैक्टीरिया और वायरस का खतरा
एक अखबार खाद्य विक्रेता के पास पहुंचने से पहले कई जगहों से होकर गुजरता है। प्रिंटिंग प्रेस से लेकर डिलीवरी एजेंटों, परिवहन वाहनों और कई लोगों के हाथों से गुजरते हुए, इस पर धूल, पर्यावरण के प्रदूषक और कई तरह की गंदगी जमा हो जाती है।
- माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स का कहना है कि अखबारों पर अक्सर ई. कोलाई (E. coli), स्टैफिलोकोकस ऑरियस और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया और नोरोवायरस जैसे वायरस मौजूद होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम (Long-Term Health Risks)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अखबार की स्याही के माध्यम से शरीर में पहुंचने वाले इन तत्वों से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं:
- हैवी मेटल पॉइजनिंग: लंबे समय तक लेड (सीसे) के सेवन से तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को नुकसान, किडनी की खराबी और याददाश्त कमजोर हो सकती है—विशेषकर बढ़ते बच्चों में।
- कैंसर का खतरा: बड़े पैमाने पर छपाई के लिए उपयोग की जाने वाली कई सिंथेटिक डाई और सॉल्वैंट्स शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ते हैं और इनसे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कानून क्या कहता है?
भोजन के लिए अखबार का उपयोग करना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह पूरी तरह से गैरकानूनी भी है।
FSSAI ने दोहराया कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत भोजन के भंडारण, पैकेजिंग, उसे ढकने या परोसने के लिए अखबारों या इसी तरह की अन्य छपाई वाली सामग्रियों के उपयोग पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध है। इसके अलावा, विक्रेता तले हुए खाद्य पदार्थों से अतिरिक्त तेल सोखने के लिए भी अखबार का उपयोग नहीं कर सकते।
| प्रतिबंधित अभ्यास (क्या न करें) | स्वीकृत विकल्प (क्या करें) |
| स्ट्रीट फूड को लपेटना (समोसा, वड़ा पाव आदि) | बटर पेपर / ग्रीसप्रूफ पेपर |
| गर्म स्नैक्स परोसना | ताजे केले के पत्ते |
| तले हुए व्यंजनों से अतिरिक्त तेल सोखना | फूड-ग्रेड ब्लोटिंग शीट्स / पेपर टॉवल |
| पार्सल या टेकअवे भोजन पैक करना | प्रमाणित फूड-ग्रेड कंटेनर |
यह नियम किन पर लागू होता है?
यह निर्देश खाद्य उद्योग के हर स्तर पर समान रूप से लागू होता है:
- स्ट्रीट वेंडर्स, खोमचे वाले और छोटे खुदरा विक्रेता
- ढाबे, रेस्तरां और क्विक सर्विस रेस्तरां (QSRs)
- क्लाउड किचन और कैटरिंग सेवाएं
- मोबाइल फूड कियोस्क
FSSAI, राज्य खाद्य अधिकारियों के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर औचक निरीक्षण और जांच तेज कर रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
नियामक ने नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अखबार या असुरक्षित सामग्री में परोसा गया भोजन लेने से मना करें और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों की शिकायत करें, ताकि अपने स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।

