ईटानगर:
‘उगते सूर्य की भूमि’ कहे जाने वाले अरुणाचल प्रदेश ने वन्यजीव विज्ञान के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे इस राज्य में एक ताज़ा शोध के दौरान समुद्र तल से 3,000 मीटर तक की ऊंचाई पर जंगली एशियाई हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह पूरी दुनिया में इतनी अधिक ऊंचाई पर हाथियों के पाए जाने का सबसे पहला और एकमात्र वैश्विक रिकॉर्ड है।
WWF-India और वन विभाग की बड़ी खोज
यह अद्भुत और ऐतिहासिक सफलता WWF-India और अरुणाचल प्रदेश के वन विभाग के संयुक्त मूल्यांकन के दौरान मिली है। शोधकर्ताओं की टीमों ने दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच हाथियों के रास्तों का पता लगाया, जिसके बाद यह साबित हुआ कि भारी-भरकम शरीर वाले ये जीव इन ऊंचे पहाड़ों पर भी आसानी से आ-जा रहे हैं, जिसे पहले असंभव माना जाता था।
इस बड़ी खोज के पीछे अरुणाचल प्रदेश का विशाल और प्राचीन जंगल है। राज्य का 65,881.57 वर्ग किलोमीटर का इलाका बेहद घने जंगलों से घिरा हुआ है, जो अनगिनत दुर्लभ वनस्पतियों और वन्यजीवों का सुरक्षित घर है। पर्यावरण संरक्षण के मामले में अरुणाचल आज पूरे पूर्वोत्तर और देश के लिए एक मिसाल बन चुका है।
उप-मुख्यमंत्री चोना मीन ने जताई खुशी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए राज्य के उप-मुख्यमंत्री चोना मीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
चोना मीन का बयान: “अरुणाचल प्रदेश लगातार भारत के सबसे महत्वपूर्ण जैव-विविधता हॉटस्पॉट (Biodiversity Hotspots) के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। WWF-India और वन विभाग के एक नए अध्ययन में समुद्र तल से 3,000 मीटर की ऊंचाई पर हाथियों की मौजूदगी के दस्तावेजी सबूत मिले हैं, जो इसे दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाला हाथी रेंज बनाता है।”
यह खोज यह साबित करती है कि अगर जंगलों को सुरक्षित रखा जाए, तो वन्यजीव इंसानी सोच से परे जाकर भी खुद को ढाल सकते हैं।

