शिलांग, 3 जून 2026 — उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) का 73वां पूर्ण सत्र कल शिलांग में केंद्रीय गृह मंत्री और एनईसी के अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में क्षेत्र के रणनीतिक विकास का खाका तैयार करने के लिए शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
उच्च स्तरीय उपस्थिति और प्री-प्लेनरी बैठक
इस सत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ नेता और नीति निर्माता हिस्सा लेंगे।
- प्रमुख अतिथि: बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) केंद्रीय मंत्री और एनईसी के उपाध्यक्ष ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और DoNER राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार शामिल होंगे।
- राज्यों का प्रतिनिधित्व: सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, परिषद के सदस्य और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे।
कल होने वाले मुख्य सत्र से पहले, आज एक प्री-प्लेनरी (सत्र-पूर्व) बैठक आयोजित की गई, जिसमें बांस (Bamboo), अगरवुड (Agarwood) और अष्टलक्ष्मी दर्शन जैसी प्रमुख फ्लैगशिप पहलों के साथ-साथ क्षेत्र के विकास से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक में DoNER मंत्रालय के सचिव, आठों पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव, एनईसी के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
प्रमुख विकास क्षेत्र और टास्क फोर्स की समीक्षा
इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य हितधारकों के बीच आपसी समन्वय को बढ़ाना है ताकि विकास की गति को तेज किया जा सके। परिषद द्वारा विभिन्न मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में गठित हाई-लेवल टास्क फोर्स की प्रगति की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी:
- बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी: आर्थिक गलियारे (economic corridor) के विकास, बुनियादी ढांचे और संपर्क को मजबूत करने पर ध्यान।
- आत्मनिर्भरता: दूध, अंडे, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के प्रयास।
- पारंपरिक उद्योग और पर्यटन: कृषि, बागवानी, पर्यटन, खेलकूद, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देना।
- निवेश और वाणिज्य: नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टमेंट समिट और बैंकर्स कॉन्क्लेव के परिणामों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और यूनिक सेलिंग प्रपोजल (USP) परियोजनाओं की समीक्षा।
उत्तर पूर्व विजन प्लान 2047
इस बैठक के एजेंडे का एक और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘उत्तर पूर्व विजन प्लान 2047’ है।
2047 का रोडमैप: यह एक दीर्घकालिक विकास खाका (roadmap) है, जिसे भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी, नवाचार (innovation), स्थिरता और सांस्कृतिक समृद्धि का एक जीवंत केंद्र बनाने के लिए तैयार किया गया है।
उत्तर पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 के तहत स्थापित एनईसी पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए शीर्ष क्षेत्रीय योजना निकाय के रूप में कार्य करता है। इस सत्र के माध्यम से परिषद के सदस्यों को अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को साझा करने और अंतर-राज्यीय सहयोग व सहकारी संघवाद को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

