मूसलाधार बारिश से मची तबाही
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई भयानक बाढ़ (Flash Floods) ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण जिले की प्रशासनिक और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे कई सुदूरवर्ती बस्तियों का संपर्क मुख्यधारा से पूरी तरह कट गया है।
बाढ़ का सबसे भीषण असर निंगपिंग और लोंगते गांवों और उनके आसपास के इलाकों में देखा गया है, जहां उफनती पहाड़ी नदियों ने सरकारी बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया।
दो प्रमुख पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त
स्थानीय आपदा प्रबंधन विभागों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दो सबसे महत्वपूर्ण पुल पानी के तेज बहाव में बह गए या पूरी तरह टूट चुके हैं:
- न्यो कोरो आरसीसी पुल: निंगपिंग गांव के पास न्यो कोरो में स्थित भारी कंक्रीट (RCC) से बना पुल मलबे और पानी के भारी दबाव को झेल नहीं सका और ढह गया।
- लोंगते-जिबा लिंक पुल: लोंगते गांव को जिबा सर्कल मुख्यालय से जोड़ने वाला एक अन्य महत्वपूर्ण पुल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
इन पुलों के टूटने से सैकड़ों ग्रामीण अपने ही इलाकों में फंस गए हैं। उनके लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता, दैनिक राशन और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचना असंभव हो गया है।
राहत और बचाव कार्य में बाधा
लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी ढलानों पर हो रहे भूस्खलन (Landslides) के कारण अस्थायी रास्ते बनाने के काम में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नागरिकों को नदी के किनारों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

