सरकारी क्षेत्र में रोजगार को बड़ा बढ़ावा
देश के युवाओं को सशक्त बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री ने रोज़गार मेला पहल के तहत 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। देश भर के विभिन्न राज्यों में आयोजित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया और उन्हें सरकारी सेवा में शामिल होने पर बधाई दी।
ये नई नियुक्तियां भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSUs) में की गई हैं। नवनियुक्त कर्मचारी रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग और राजस्व विभाग जैसे देश के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा और विकास से जुड़े विभागों में अपनी सेवाएं देंगे।
पारदर्शिता और त्वरित भर्ती प्रक्रिया पर जोर
नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रोज़गार मेला ने सरकारी नौकरियों की पूरी चयन प्रक्रिया को बदल दिया है। पुरानी और कछुआ गति से चलने वाली व्यवस्था को समाप्त कर पूरी तरह से पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल अपनाया गया है। इससे परीक्षा के आयोजन से लेकर जॉइनिंग लेटर मिलने तक का समय काफी कम हो गया है, जिससे युवाओं का सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।
सभी नए कर्मचारियों को ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ (Karmayogi Prarambh) मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन ओरिएंटेशन कोर्स भी कराया जा रहा है। iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध यह डिजिटल प्रशिक्षण नए कार्यबल को नागरिक-केंद्रित शासन और आधुनिक कार्यशैली के लिए तैयार करता है।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि ये 51,000 नए कर्मचारी ऐसे समय में सरकारी सेवा में आ रहे हैं जब देश आर्थिक और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आधुनिक रेल नेटवर्क का संचालन करना हो, सीमाओं को सुरक्षित रखना हो, डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ाना हो या ग्रामीण इलाकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचानी हों—यह नया कार्यबल हर मोर्चे पर देश की प्रगति की रफ्तार को बढ़ाएगा।

