नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह निर्णय पेपर लीक के व्यापक विवाद के बाद लिया गया है, जिसकी जांच अब गहन छानबीन के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।
घोटाले का पैमाना: 100% स्ट्राइक रेट वाला “गेस पेपर”
3 मई की परीक्षा की जांच से पता चला है कि पहले से प्रसारित एक “गेस पेपर” के सवाल वास्तविक पेपर से काफी हद तक मेल खाते थे।
- केमिस्ट्री (Chemistry): नीट केमिस्ट्री सेक्शन के सभी 45 प्रश्न एक 81-प्रश्नों वाले गेस पेपर में उसी क्रम में दिखाई दिए, जिसमें विराम चिह्नों (punctuation) तक का कोई बदलाव नहीं था।
- बायोलॉजी (Biology): नीट बायोलॉजी सेक्शन के सभी 90 प्रश्न कथित तौर पर 200-प्रश्नों वाले एक प्रसारित दस्तावेज में मौजूद थे।
- प्रभाव: कुल मिलाकर, लगभग 135 से 140 प्रश्न (720 में से 600 अंक के) लीक हुई सामग्री के बिल्कुल समान या काफी मिलते-जुलते पाए गए।
जांच और मुख्य गिरफ्तारियां
राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और अब CBI द्वारा शुरू की गई इस जांच ने एक परिष्कृत अंतर-राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है:
- मनीष यादव हिरासत में: कथित मास्टरमाइंड मनीष यादव को जयपुर में हिरासत में लिया गया है, और जांच का दायरा अब तीन राज्यों तक फैल गया है।
- सीकर कनेक्शन: खबरों के मुताबिक, “गेस पेपर” परीक्षा से लगभग चार दिन पहले राजस्थान के कोचिंग हब सीकर तक पहुंच गया था।
- धोखाधड़ी की कीमत: रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पेपर हताश अभ्यर्थियों को ₹7.3 लाख से लेकर ₹30 लाख तक की मोटी रकम में बेचे जा रहे थे।
- बड़ा जाल: जयपुर, सीकर और देहरादून के करियर काउंसलर और हॉस्टल ऑपरेटरों सहित लगभग 15 व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
एनटीए की प्रतिक्रिया और पुन: परीक्षा की स्थिति
NTA ने कहा कि कानून प्रवर्तन निष्कर्षों की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को “बरकरार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती”।
- नई तारीखें: एजेंसी आने वाले दिनों में देश भर में फिर से परीक्षा आयोजित करने के लिए नई तारीखों की घोषणा करेगी।
- प्रवेश पत्र: सभी 22.79 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए संशोधित एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे।
- प्रशासनिक कार्रवाई: जांचकर्ताओं का मानना है कि लीक NTA के डिजिटल सिस्टम के बजाय जयपुर के एक प्रिंटिंग प्रेस या पेपर सेट करने के स्तर पर हुआ होगा।
परीक्षा रद्द होने के बाद दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में छात्र संगठनों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, क्योंकि लाखों मेडिकल अभ्यर्थी अब अपने भविष्य के लिए अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

