नई दिल्ली — ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक तेल टैंकर (Commercial Oil Tanker) पर संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के सैन्य हमले को लेकर भारत ने राजधानी में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद बुधवार को नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया। इस हमले में तीन भारतीय नाविक लापता हो गए हैं, जो पिछले 48 घंटों में भारतीय चालक दल (Crew) वाले जहाजों पर दूसरा हमला है।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने नई दिल्ली में संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास के प्रभारी राजदूत (Chargé d’Affaires) जेसन मीक्स को तलब किया और एक औपचारिक राजनयिक विरोध पत्र (Demarche) सौंपा। यह सख्त राजनयिक कदम वैश्विक व्यापारिक समुद्री मार्गों पर काम करने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
घटना: अमेरिकी हमले में एमटी सेटेबेलो (MT Settebello) हुआ क्षतिग्रस्त
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह घटना ओमान के सोहर बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (Nautical Miles) उत्तर-पूर्व में हुई।
पलाऊ के ध्वज वाले इस रासायनिक और तेल उत्पाद टैंकर—एमटी सेटेबेलो—पर चालक दल के 28 सदस्य सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नागरिक थे।
- सैन्य हमला: एक अमेरिकी सैन्य विमान ने टैंकर के इंजन रूम पर सीधे सटीक निशाना साधते हुए बमबारी की, जिससे जहाज पर भीषण आग लग गई।
- राहत कार्य: ओमान की नौसेना ने तुरंत एक बचाव अभियान शुरू कर 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन चालक दल के तीन भारतीय सदस्य अभी भी लापता हैं।
CENTCOM ने हमले को सही ठहराया
संयुक्त राज्य अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे ईरानी बंदरगाहों पर लागू अपनी सक्रिय समुद्री नाकेबंदी (Maritime Blockade) के तहत उठाया गया कदम बताया।
“अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर को उस समय अक्षम (Disable) कर दिया, जब उस जहाज ने ईरान से तेल परिवहन का प्रयास करके जारी नाकेबंदी का उल्लंघन किया। चालक दल द्वारा अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार पालन न करने के बाद, एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर सटीक हथियारों से हमला किया।”
— यू.एस. सेंट्रल कमांड का आधिकारिक बयान
48 घंटों में दो हमले: तनाव बढ़ने का सिलसिला
सेटेबेलो पर यह हमला अमेरिका द्वारा अपनी नाकेबंदी को लागू करने के आक्रामक अभियान का हिस्सा है। ठीक दो दिन पहले, पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर, एमटी मारिवेक्स (MT Marivex) को भी ईरानी बंदरगाह की ओर जाने के आरोप में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी मिसाइल द्वारा निशाना बनाया गया था।
सौभाग्य से, मारिवेक्स पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था, जिसके लिए नई दिल्ली ने इस सप्ताह की शुरुआत में ओमान सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया था। हालांकि, एक के बाद एक हुए इन हमलों ने सैकड़ों भारतीय नाविकों को सीधे खतरे के दायरे में ला खड़ा किया है।
भारत का रुख: “वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए”
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार शाम को एक कड़ा बयान जारी कर इस हमले की स्पष्ट निंदा की और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खतरों को रेखांकित किया।
नई दिल्ली ने पश्चिम एशिया में तुरंत तनाव कम करने की अपनी मांग दोहराई और शांति बहाल करने के लिए जारी राजनयिक वार्ताओं को तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाने का आग्रह किया। भारत ने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
गंभीर दबाव में समुद्री व्यापार मार्ग
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास का यह समुद्री गलियारा अप्रैल से ही एक बेहद संवेदनशील और अस्थिर क्षेत्र बन गया है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान से जुड़े जहाजों को लक्षित करते हुए सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू की थी। CENTCOM की रिपोर्ट है कि उसने नाकेबंदी का उल्लंघन करने के संदेह में दर्जनों जहाजों को रोका, उनके मार्ग बदले या उन्हें अक्षम किया है।
| जहाज | हमले की तारीख | ध्वज (Flag) | भारतीय चालक दल की संख्या | भारतीय चालक दल की स्थिति |
| एमटी मारिवेक्स | 8 जून, 2026 | पलाऊ | 24 | 24 नाविक ओमान की सेना द्वारा सुरक्षित बचाए गए |
| एमटी सेटेबेलो | 10 जून, 2026 | पलाऊ | 24 | 21 सुरक्षित बचाए गए; 3 नाविक लापता घोषित |
तलाशी अभियान जारी
मस्कट में भारतीय दूतावास ओमान के समुद्री रक्षा बलों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है, जो ओमान की खाड़ी में लापता तीन भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) चला रहे हैं।

