अगरतला / नई दिल्ली
पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में नई ऊर्जा फूंकने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने माताबारी निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा स्वीकृत और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है.
44 वर्षीय जमीनी नेता और फार्मासिस्ट अभिषेक देबरॉय ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को अगरतला स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक औपचारिक समारोह में अपना पदभार संभाल लिया. उन्होंने राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्जी का स्थान लिया है, जिन्होंने 2022 से 2026 तक राज्य इकाई का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था.
बूथ अध्यक्ष से प्रदेश प्रमुख तक का सफर
अभिषेक देबरॉय का राजनीतिक सफर भाजपा के आम कार्यकर्ताओं के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने पार्टी में अपने करियर की शुरुआत सबसे निचले स्तर पर यानी एक ‘बूथ अध्यक्ष’ के रूप में की थी. अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आगे बढ़ते हुए, उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में गोमती जिले की माताबारी सीट से $51.06\%$ vote share हासिल कर शानदार जीत दर्ज की थी.
पदभार ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए देबरॉय ने कहा, “हमारा मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम और स्वयं अंतिम’ है. मैं अपने वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में और युवाओं के सहयोग से पार्टी के जमीनी नेटवर्क को और मजबूत करने का काम करूंगा”.
आगामी रणनीतिक लक्ष्य
एक युवा और सक्रिय विधायक को पार्टी की कमान सौंपने का फैसला बेहद रणनीतिक है, जिसके तहत मुख्य रूप से दो मोर्चों पर काम किया जाएगा:
- स्थानीय चुनाव: देबरॉय के सामने सबसे पहली चुनौती राज्य में होने वाले आगामी विलेज कमेटी (ग्राम समिति) और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी को बड़ी जीत दिलाना है.
- 2028 विधानसभा चुनाव: संगठन का मुख्य दीर्घकालिक लक्ष्य नए सिरे से बूथ कमेटियों का गठन करना है ताकि साल 2028 में होने वाले त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का आधार अभेद्य बनाया जा सके.
मुख्यमंत्री और शीर्ष नेताओं ने दी बधाई
इस बदलाव का स्वागत करते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने अभिषेक देबरॉय को बधाई दी और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया. मुख्यमंत्री साहा ने कहा, “नेतृत्व में बदलाव हमारे संगठन की एक स्वस्थ परंपरा है. देबरॉय के नेतृत्व में जल्द ही नई प्रदेश समिति और मोर्चा कमेटियों का गठन किया जाएगा, जिससे पार्टी की कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी”.

