अहमदाबाद नगर निगम ने स्ट्रीट फूड की स्वच्छता के लिए शुरू की QR-Code फीडबैक प्रणाली

Amc Launches Qr Code Feedback System For Street Food Hygiene
Amc Launches Qr Code Feedback System For Street Food Hygiene (PC: Social Media Sites)

सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के तहत, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने अपने स्ट्रीट फूड क्षेत्र के लिए एक डिजिटल फीडबैक तंत्र (Feedback Mechanism) आधिकारिक रूप से शुरू किया है। अहमदाबाद के निवासी अब केवल एक QR कोड स्कैन करके स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों के स्वच्छता और साफ-सफाई के मानकों की सीधे रेटिंग और रिपोर्ट कर सकते हैं।

यह नागरिक-केंद्रित पहल ऐसे समय में आई है जब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा अखबारों में भोजन लपेटने जैसी खतरनाक प्रथाओं के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ताओं के हाथों में निगरानी की कमान सौंपकर, AMC का लक्ष्य नियामक दिशानिर्देशों और जमीनी स्तर के कार्यान्वयन के बीच के अंतर को पाटना है।

कैसे काम करती है QR कोड फीडबैक प्रणाली

यह डिजिटल पहल उपभोक्ताओं और शहरी नागरिक निकाय के निरीक्षकों के बीच एक त्वरित, पारदर्शी संपर्क मार्ग बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।

  • रेटिंग के लिए स्कैन करें: शहर भर के फूड स्टालों पर उनके विशिष्ट व्यावसायिक प्रोफाइल के साथ क्यूआर कोड प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • स्वच्छता के मानक: ग्राहक अपने स्मार्टफोन के माध्यम से कोड को स्कैन करके सीधे खाद्य सुरक्षा मानकों जैसे कि भोजन बनाने वालों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी की सुरक्षा और कचरा निपटान के आधार पर त्वरित “हाइजीन रेटिंग” जमा कर सकते हैं।
  • सीधी कानूनी कार्रवाई: AMC अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कोई भी वेंडर जो लगातार खराब रेटिंग प्राप्त करता है, या विशिष्ट खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, उसे स्थानीय नगर निगम और खाद्य सुरक्षा प्रावधानों के तहत तत्काल जुर्माने और सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

अखबारों की पैकेजिंग पर FSSAI के देशव्यापी प्रतिबंध के साथ तालमेल

अहमदाबाद के इस डिजिटल कदम का समय बेहद महत्वपूर्ण है। FSSAI ने हाल ही में गंभीर रासायनिक और सूक्ष्मजीवविज्ञानी (Microbial) स्वास्थ्य जोखिमों का हवाला देते हुए खाद्य पैकेजिंग के लिए अखबारों के उपयोग पर अपने देशव्यापी प्रतिबंध को फिर से दोहराया है।

साल 2018 का यह सख्त नियम कानूनी रूप से लागू होने के बावजूद, कई छोटे विक्रेता कम लागत के कारण आज भी तले हुए स्नैक्स परोसने के लिए पुराने अखबारों पर निर्भर हैं। नई QR कोड प्रणाली के माध्यम से, अहमदाबाद के निवासी अब तुरंत उन वेंडरों को चिह्नित (Flag) कर सकते हैं जो स्वीकृत विकल्पों जैसे बटर पेपर, ताजे केले के पत्ते, या प्रमाणित फूड-ग्रेड पैकेजिंग के बजाय जहरीली स्याही वाले अखबारों का उपयोग करना जारी रखते हैं।

खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक निगरानी क्यों महत्वपूर्ण है?

यद्यपि FSSAI जैसे नियामक निकाय सख्त सुरक्षा नियम तैयार करते हैं, लेकिन भारत के विशाल शहरी क्षेत्रों में लाखों स्वतंत्र स्ट्रीट वेंडरों की निगरानी करना केवल प्रवर्तन टीमों (Enforcement Teams) के लिए एक कठिन काम बना हुआ है।

“जब उपभोक्ता स्वयं सक्रिय निरीक्षक के रूप में कार्य करते हैं, तो निगरानी कई गुना अधिक प्रभावी हो जाती है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से नियमों का लगातार उल्लंघन करने वालों के लिए बच निकलना लगभग असंभव हो जाता है।” — खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ

AMC की QR प्रणाली जैसी डिजिटल तकनीक को जमीनी स्तर पर औचक निरीक्षणों के साथ जोड़कर, नगर निगम सुरक्षित पैकेजिंग के उपयोग को प्रभावी ढंग से लागू कर सकते हैं। इससे भारी धातुओं (जैसे सीसा और कैडमियम) के शरीर में जाने और दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों को जमीनी स्तर पर रोका जा सकता है।

नियमों का पालन न करने वाले वेंडरों का आगे क्या होगा?

AMC ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक फीडबैक फॉर्म की शुरुआत केवल डेटा एकत्र करने के लिए नहीं है। यह सीधे तौर पर भौतिक (Physical) निरीक्षण की कार्रवाई को शुरू करने का माध्यम है।

  1. चेतावनी और शिक्षा: पहली बार उल्लंघन करने वाले या सीमांत (Borderline) स्वच्छता स्कोर वाले वेंडरों को फूड-ग्रेड सामग्री का उपयोग करने और प्रशिक्षण लेने का निर्देश दिया जाएगा।
  2. जुर्माना और जब्ती: प्रतिबंधित पैकेजिंग (जैसे अखबारों) का लगातार उपयोग करने या अस्वच्छ वातावरण में काम करने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा और उनके व्यावसायिक ठेले/सामान को जब्त कर लिया जाएगा।
  3. लाइसेंस निलंबन: गंभीर या बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत वेंडर के परमिट/लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा।
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