सड़क की बदहाली पर सिक्किम हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा; स्वतंत्र जांच के आदेश दिए

Sikkim High Court Raps State Government Over Poor Road Conditions
Sikkim High Court Raps State Government Over Poor Road Conditions (PC: Social Media Sites)

गंगटोक — सिक्किम उच्च न्यायालय ने उत्तरी सिक्किम में सड़कों की बदतर स्थिति और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। सड़क बुनियादी ढांचे और जनहित से जुड़े एक लंबे समय से लंबित स्वतः संज्ञान (suo motu) जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ए. मुहीमद मुश्ताक और न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ ने सरकारी प्राधिकारियों द्वारा सौंपे गए बयानों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।

न्यायालय ने राज्य सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच भारी विसंगतियों पर चिंता जताई, जिसके कारण दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली आबादी बुनियादी सुविधाओं से कट गई है।

अदालती कार्यवाही के मुख्य बिंदु

  • सरकारी दावों में विसंगतियां: राज्य सरकार का दावा था कि वैकल्पिक सड़क मार्ग सुचारू रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय हितधारकों और निवासियों ने इसके उलट टूटी सड़कों और आवश्यक सेवाओं के ठप होने की बात कही, विशेषकर जोंगू (Dzongu) और लाचेन (Lachen) जैसे दूरदराज के इलाकों में।
  • स्वतंत्र जांच के निर्देश: दावों में विरोधाभास को देखते हुए, हाईकोर्ट ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA), उत्तरी सिक्किम के सचिव को ज़मीनी स्थिति का स्वतंत्र रूप से आकलन करने का निर्देश दिया है। यह अधिकारी ‘सिक्किम इंडिजिनस लेप्चा ट्राइबल एसोसिएशन’ (SILTA), स्थानीय नागरिकों और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से बात कर कनेक्टिविटी पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपेंगे।
  • एजेंसियों में तालमेल की कमी: सुनवाई के दौरान सरकारी विभागों के बीच संवाद का बड़ा अंतर सामने आया। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि रंगपो बाजार से वाहनों का रूट डायवर्जन हटा लिया गया है, जबकि नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है।

सुरक्षा चिंताएं और रुकी हुई परियोजनाएं

सड़क के एक खतरनाक “S-टर्न” वाले हिस्से पर सुरक्षा चिंताओं को लेकर भी चर्चा हुई। न्यायमित्र (Amicus Curiae) और सीमा सड़क संगठन (BRO) के सुझावों के बाद, NHIDCL एक वैकल्पिक बाईपास मार्ग के निर्माण की व्यवहार्यता की जांच करने के लिए सहमत हुआ है।

इसके अलावा, ठेकेदारों और बीआरओ (BRO) के बीच चल रहे विवादों के कारण सिंगताम-दिक्षु राजमार्ग कॉरिडोर का काम धीमा हो गया है, जबकि तारम चू ब्रिज के माध्यम से लाचेन को जोड़ने वाला बहाली कार्य भी अभी अधूरा है। बीआरओ अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि लंबित कार्यों को जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

हाईकोर्ट ने बुनियादी ढांचे के प्रशासन में जवाबदेही तय करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को 18 जून, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) जमा करने का सख्त निर्देश दिया है।

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