डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी; पेट्रोल पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं

The Excise Duty Rates On Petrol And Diesel For Domestic Consumption Remains Unchanged
The Excise Duty Rates On Petrol And Diesel For Domestic Consumption Remains Unchanged (PC: Social Media Sites)

नई दिल्ली — ऊर्जा करों की अपनी नवीनतम पाक्षिक (Fortnightly) समीक्षा में, भारत सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF/हवाई ईंधन) पर लगाए जाने वाले निर्यात शुल्क (Export Duty) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। दूसरी ओर, पेट्रोल के निर्यात शुल्क को पूरी तरह से अपरिवर्तित (Unchanged) रखा गया है।

संशोधित दरें 16 जून, 2026 से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए तुरंत प्रभाव से लागू होंगी।

पाक्षिक समीक्षा प्रणाली

यह समायोजन सरकार की चल रही पाक्षिक कैलिब्रेटेड टैक्स रणनीति का हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में होने वाले उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। इन शुल्कों में गतिशील रूप से बदलाव करके, सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन निर्यात करने वाली तेल विपणन कंपनियों और रिफाइनरियों द्वारा कमाए जाने वाले अप्रत्याशित लाभ (Windfall Gains) को नियंत्रित करना और घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखना है।

16 जून के संशोधन की मुख्य बातें

  • डीजल: निर्यात शुल्क में वृद्धि की गई है, जिससे घरेलू सीमाओं से बाहर ईंधन भेजने वाले रिफाइनरों के लाभ मार्जिन में कमी आएगी।
  • एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF): जेट ईंधन के निर्यात पर अब अधिक शुल्क लगेगा, जो वैश्विक विमानन ईंधन मार्जिन में बदलाव से प्रेरित है।
  • पेट्रोल: सरकार ने पेट्रोल पर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे मौजूदा चक्र के लिए इसका निर्यात शुल्क अपरिवर्तित रहेगा।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जहां इस बढ़ोतरी से घरेलू निजी रिफाइनरों के अल्पकालिक निर्यात मार्जिन पर थोड़ा असर पड़ेगा, वहीं यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार के उतार-चढ़ाव के बीच सरकारी खजाने के लिए स्थिर राजस्व सुनिश्चित करेगा।

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