नागालैण्ड ने लॉन्च किया एलिओना एआई सुपरकंप्यूटर; मौसम और आपदाओं की मिलेगी सटीक चेतावनी

Nsdma Introduces Ai Native Eliona A Climate Intelligence Platform
Nsdma Introduces Ai Native Eliona A Climate Intelligence Platform (PC: Social Media Sites)

आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का युग

पूर्वोत्तर राज्य नागालैण्ड ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के तहत ‘एलिओना’ (Eliona) नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘क्लाइमेट एंड डिजास्टर इंटेलिजेंस सुपरकंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया गया है। यह अत्याधुनिक सिस्टम आपदा प्रबंधन के पुराने तरीकों को बदलते हुए ‘पूर्वानुमान आधारित इंटेलिजेंस’ (Predictive Intelligence) पर काम करेगा।

कोहिमा स्थित ‘नागालैण्ड सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट एंड एटमॉस्फेरिक रिसर्च’ (NaCDAR) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान NSDMA और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सलाहकार ज़ेड. न्यूसिथु न्यूथे ने इस सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया।

सुपरकंप्यूटर की तकनीकी क्षमताएं

NSDMA के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जॉनी रुआंगमेई ने प्लेटफॉर्म की विशेषताओं को साझा करते हुए बताया कि एलिओना सुपरकंप्यूटर पर्यावरण और मौसम से जुड़े विशाल डेटा का विश्लेषण करने में सक्षम है। यह प्रणाली मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर काम करेगी:

  • मौसम और जलवायु मॉडलिंग: इसके जरिए वास्तविक समय (Real-time) के करीब मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
  • भू-स्थानिक जोखिम गणना (Geospatial Risk Computation): रिमोट सेंसिंग और बिग डेटा एनालिटिक्स की मदद से राज्य के कठिन पहाड़ी इलाकों का नक्शा और जोखिम क्षेत्र तैयार किए जाएंगे।
  • आपदा सिमुलेशन: इसके माध्यम से प्राकृतिक आपदा आने से पहले ही उसके प्रभाव का कृत्रिम रूप से आकलन किया जा सकेगा, ताकि प्रशासन पहले से तैयार रहे।

नगालैंड अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़, भूकंप और भारी गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश के प्रति बेहद संवेदनशील है। यह सुपरकंप्यूटर इन खतरों को समय रहते भांपने में गेम-चेंजर साबित होगा।

प्रशासनिक और सामाजिक लाभ

नगालैंड के मुख्य सचिव सेंतियंगर इमचेन और गृह आयुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि यह सुपरकंप्यूटर राज्य की निर्णय लेने की क्षमता को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा। एलिओना से मिलने वाले डेटा का उपयोग केवल चेतावनी देने के लिए ही नहीं, बल्कि शहरी विकास की योजनाओं, दीर्घकालिक जलवायु जोखिम अध्ययनों और नुकसान के सटीक आकलन के लिए भी किया जाएगा।

इसके साथ ही, यह तकनीक आपदा जोखिम वित्तपोषण (Disaster Risk Financing), पैरामेट्रिक बीमा (Parametric Insurance) और ग्रामीण स्तर पर आपदा तैयारियों को मजबूत करने में मदद करेगी।

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