मणिपुर के नए डीजीपी बने मुकेश सिंह; लद्दाख से हुआ ट्रांसफर, संभालेंगे सुरक्षा कमान

Ips Mukesh Singh Transferred To Manipur As Dgp; Rajiv Singh Shifted To Centre
Ips Mukesh Singh Transferred To Manipur As Dgp; Rajiv Singh Shifted To Centre (PC: Social Media Sites)

कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद

मणिपुर में जारी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और हालिया तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के पुलिस प्रशासन में एक बहुत बड़ा फेरबदल किया है। 1996 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह को मणिपुर का नया महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने नियमों में विशेष ढील देते हुए AGMUT कैडर के अधिकारी मुकेश सिंह को तीन साल के लिए मणिपुर भेजने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। यह नियुक्ति वर्तमान डीजीपी राजीव सिंह को पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिन्हें वापस दिल्ली बुलाकर कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जोखिम भरे मोर्चों पर काम करने का लंबा अनुभव

मुकेश सिंह को मणिपुर की कमान सौंपना यह साफ संकेत देता है कि केंद्र सरकार इस अशांत क्षेत्र में एक बेहद अनुभवी और कड़क अधिकारी चाहती थी। सिंह को अशांत और संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का लंबा तजुर्बा है:

  • लद्दाख के डीजीपी के रूप में सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था का संचालन किया।
  • जम्मू के एडिशनल डीजीपी (ADG) के तौर पर घाटी में कानून-व्यवस्था की कठिन चुनौतियों का सामना किया।
  • भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और देश की सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी (IG) के पदों पर रहकर बड़े ऑपरेशन्स का नेतृत्व किया।

जमीनी चुनौतियां: बंधक संकट और नागरिक आक्रोश

नए डीजीपी मुकेश सिंह एक ऐसे समय में मणिपुर पहुंच रहे हैं, जब राज्य एक बार फिर अलग-अलग सामाजिक समूहों के विरोध प्रदर्शनों और अपहरण जैसी घटनाओं से सुलग रहा है। पिछले कुछ दिनों में जमीनी हालात काफी संवेदनशील हो चुके हैं:

  • कांगपोकपी में महिलाओं का मोर्चा: कांगपोकपी जिले में सैकड़ों की संख्या में कुकी-जो महिलाओं ने एक बड़ा और शांतिपूर्ण धरना शुरू किया है। उनकी मांग है कि 13 मई को एक घात लगाकर किए गए हमले में मारे गए तीन चर्च नेताओं के हत्यारों को कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही, वे सेनापति जिले से कथित तौर पर बंधक बनाए गए 14 कुकी-जो नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग कर रही हैं।
  • यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) की चेतावनी: इस बीच नागा समुदाय की शीर्ष संस्था ‘यूनाइटेड नागा काउंसिल’ ने ‘कुकी इनपी मणिपुर’ को सख्त हिदायत देते हुए मांग की है कि कथित तौर पर गायब या बंधक बनाए गए छह नागा नागरिकों की स्थिति और ठिकाने की जानकारी तुरंत सार्वजनिक की जाए।

नए पुलिस प्रमुख के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती इन दोनों समुदायों के बीच के हिंसक गतिरोध को रोकना, बंधकों को सुरक्षित छुड़ाना और राज्य के हर जिले में कानून का राज दोबारा स्थापित करना होगी।

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