क्या नासा का ‘जीरो-ग्रेविटी’ पोस्चर दूर कर सकता है अनिद्रा की वैश्विक समस्या?

Zero Gravity Sleeping Position Benefits Nasa Astronaut Hack
Zero Gravity Sleeping Position Benefits Nasa Astronaut Hack (PC: Social Media Sites)

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दुनिया एक बड़े स्लीप क्राइसिस (नींद की कमी) से जूझ रही है. इस बीच, लोग बेहतर नींद पाने के लिए नए-नए तरीके तलाश रहे हैं. इसी कड़ी में ‘ज़ीरो ग्रैविटी स्लीप’ (Zero-Gravity Sleep) का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ रहा है. मूल रूप से नासा (NASA) द्वारा ‘न्यूट्रल बॉडी पोजीशन’ के रूप में खोजी गई यह स्थिति ठीक वैसी ही होती है, जैसी अंतरिक्ष में भारहीनता के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर की होती है.

क्या है इसका विज्ञान?

जब हम बिल्कुल सीधे या सपाट सोते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण हमारी पीठ के निचले हिस्से, कंधों और कूल्हों पर भारी दबाव पड़ता है. ज़ीरो-जी पोजीशन में सिर और पैरों को थोड़ा ऊपर उठाया जाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी (Spine) पर से सारा दबाव हट जाता है. इस स्थिति में घुटने थोड़े मुड़े होते हैं और पैर दिल के स्तर से थोड़े ऊपर होते हैं, जिससे शरीर का वजन समान रूप से बंट जाता है और मांसपेशियों को गहरी राहत मिलती है.

सकारात्मक प्रभाव (फायदे):

  • पीठ दर्द से राहत: यह स्थिति रीढ़ की हड्डी के तनाव को खत्म करती है, जिससे कमर दर्द और साइटिका के मरीजों को तुरंत आराम मिलता है.
  • एसिड रिफ्लक्स (GERD) से बचाव: सिर के थोड़ा ऊपर रहने से पेट का एसिड गले की तरफ नहीं चढ़ पाता, जिससे रात में जलन की समस्या नहीं होती.
  • खर्राटों और स्लीप एपनिया में कमी: इस मुद्रा में श्वास नली खुली रहती है, जिससे खर्राटे बंद हो जाते हैं और ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है.
  • बेहतर ब्लड सर्कुलेशन: पैरों के ऊपर रहने से अशुद्ध रक्त वापस दिल की तरफ आसानी से प्रवाहित होता है, जिससे पैरों की सूजन दूर होती है.

नकारात्मक प्रभाव (नुकसान):

  • करवट लेकर सोने वालों के लिए मुश्किल: यह पोजीशन केवल पीठ के बल सोने वालों (Back Sleepers) के लिए है. जो लोग करवट लेकर या पेट के बल सोते हैं, वे इसमें असहज महसूस करेंगे.
  • महंगा सेटअप: इस पोजीशन को ठीक से पाने के लिए महंगे एडजस्टेबल (रिमोट वाले) बेड और विशेष गद्दों की जरूरत होती है, जो आम बजट से बाहर हैं.
  • जोड़ों में अकड़न: रात भर घुटनों के मुड़े रहने से बुजुर्गों में सुबह के समय घुटनों या कूल्हों में अकड़न की समस्या हो सकती है.
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