डिगबोई रिफाइनरी सवालों के घेरे में: कर्मचारी की मौत ने सुरक्षा और चिकित्सा तैयारियों की खोली पोल

Digboi Refinery Faces Questions After Worker Dies Despite Safety Spending
Digboi Refinery Faces Questions After Worker Dies Despite Safety Spending (PC: Social Media Sites)

डिगबोई | 14 मई, 2026 NE Headlines ब्यूरो

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की डिगबोई रिफाइनरी के अंदर 10 मई को एक 47 वर्षीय संविदा कर्मचारी, परेश बोरगोहेन की मौत के बाद सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेसर्स विद्या कैटरर्स के कर्मचारी बोरगोहेन ड्यूटी के दौरान सल्फर डिस्टिलेशन यूनिट (SDU) के पास अचानक गिर गए थे।

मुख्य चिंताएं और आरोप:

  • चिकित्सा लापरवाही: साथी कर्मचारियों का आरोप है कि जब बोरगोहेन को रिफाइनरी के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। केंद्र का संचालन केवल एक नर्स और सहायक द्वारा किया जा रहा था।
  • सीसीटीवी कवरेज की कमी: सुरक्षा पर भारी खर्च के बावजूद, जिस स्थान पर यह घटना हुई वह सीसीटीवी की निगरानी में नहीं था। प्रबंधन के अनुसार, कैमरे केवल “महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों” तक ही सीमित हैं।
  • खाद्य सुरक्षा: कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि बोरगोहेन ने ड्यूटी पर जाने से पहले वहीं खाना खाया था।
  • मुआवजे की मांग: मृतक के परिवार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच व मुआवजे की मांग की है।

श्रमिक संगठनों ने अब मांग की है कि रिफाइनरी के भीतर पूर्णकालिक डॉक्टरों की तैनाती की जाए और सभी परिचालन क्षेत्रों को सीसीटीवी के दायरे में लाया जाए।

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